सिद्धू को 'गद्दार' कहे जाने के बावजूद वो पंजाब के हीरो क्यों हैं
क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू इन दिनों चर्चा के केंद्र में हैं. सिद्धू पंजाब के लिए, ख़ासकर सिखों के लिए तब हीरो बन गए जब वो 'पाकिस्तानी जनरल के दूत' बन कर लौटे और दोनों देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर करतारपुर कॉरिडोर बनाने की बात कही. सोशल मीडिया पर उन्हें कई पंजाबी 'शांति पसंद व्यक्ति और पवित्र सिख' बता रहे हैं. पाकिस्तानी जनरल को गले लगाने और प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की तारीफ के बाद सिद्धू के लिए पंजाब के बाहर, ख़ासकर हिंदीभाषी क्षेत्र में 'गद्दार' शब्द का इस्तेमाल किया गया था. उनकी खूब आलोचना भी हुई थी लेकिन आम सिख इस आलोचना से सहमत नहीं नज़र आए. टीवी और क्रिकेट की दुनिया के स्टार रहे सिद्धू जब भी 22 गज की पिच पर खेलने उतरते थे, उन्हें राष्ट्रीय गौरव से जोड़कर देखा जाता था. लेकिन रातोंरात वो कइयों के लिए खलनायक कैसे बन गए? जब उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह को केबल सेना का एक कैप्टन बताया था, पंजाब के कई मंत्रियों ने उनके इस्तीफे की मांग की थी. बावजूद इसके वो पंजाबियों के दिलों में बने रहे. ऐसा क्यों हुआ? हिंदीभाषी और पंजाबियों की राय...